जोड़ों के दर्द से राहत के लिए करें ये योगासन | Do these yogasanas to get relief from joint pain
उम्र बढ़ने के साथ शरीर कमजोर होने लगता है। कमजोर शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है। बढ़ती उम्र में शरीर की हड्डियां कमजोर और मांसपेशियों की समस्या बढ़ जाती है। इस कारण घुटनों में दर्द, कमर व जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है।
बुजुर्गों को अक्सर चलने फिरने में तकलीफ रहती है और रोजमर्रा के कामकाज में मुश्किल होती है। कुछ हद तक शारीरिक समस्याओं से निजात पाने के लिए बुजुर्ग दवाओं का सेवन कर सकते हैं। हालांकि शरीर और जोड़ों का दर्द दवाओं से पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है।
योग शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचाता भी है और इलाज के तौर पर भी उपयोगी है। बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की शिकायत से बचने या दर्द के इलाज के लिए नियमित योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। योग से हड्डियों को मजबूती मिलती है और कमर दर्द में आराम मिलता है।
यहां बुजुर्गों के लिए कुछ कारगर योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर दर्द की शिकायत से राहत पा सकते हैं।
प्राणायाम
प्राणायाम के फायदे
प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी सीधी होती है और पीठ दर्द में आराम मिलता है।
जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में भी प्राणायाम असरदार योगाभ्यास है।
प्राणायाम का तरीका
स्टेप 1- मैट पर आलती-पालथी मारकर बैठ जाएं और आंखों को बंद करके मन शांत रखें।
स्टेप 2- दाएं अंगूठे से दाई नाक को दबाएं और बाई नाक से अंदर की ओर श्वास खींचें।
स्टेप 3- अनामिका उंगली से बाईं नाक के नथुने को दबाकर दाई नाक से श्वास छोड़ें।
स्टेप 4- इस प्रक्रिया को दूसरी ओर से भी दोहराएं।
ताड़ासन
ताड़ासन के फायदे
इस आसन के अभ्यास से जांघों, एड़ियों और हाथों को मजबूती मिलती है।
पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
शरीर के स्ट्रक्चर में सुधार करता है।
ताड़ासन का तरीका
स्टेप 1- पैरों के बीच गैप रखते हुए एकदम सीधा खड़े हो जाएं और गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर की ओर उठाएं।
स्टेप 2- आसमान में हथेलियों को आपस में जोड़ते हुए पूरे शरीर को ऊपर उठाएं और 15 सेकंड इसी स्थिति में रहें।
स्टेप 3- श्वास की गति पर ध्यान देते हुए सामान्य अवस्था में लौट आएं और हाथों को नीचे की ओर ले जाकर श्वास छोड़ें।
स्टेप 4- 10-15 बार इसी आसन को दोहराएं।
Credit: Swami Ramdev
भुजंगासन
भुजंगासन के फायदे
पेट के अंगों को उत्तेजित करके कब्ज से लड़ने में मदद मिलती है।
पीठ और पैर मजबूत होते हैं।
हृदय और फेफड़ों की सेहत बेहतर बनती है।
शरीर लचीला और बुजुर्गों को होने वाली कई तरह की दिक्कतें कम होती हैं।
भुजंगासन के अभ्यास का तरीका
स्टेप 1- जमीन पर लेटकर दोनों हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें।
स्टेप 2- शरीर के निचले भाग को जमीन पर रखते हुए श्वास लें।
स्टेप 3- इस दौरान छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें और श्वास छोड़ते हुए शरीर को फर्श पर दोबारा टिका लें।
Credit: Swami Ramdev
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।
इन्हें भी पढ़ें:
जोड़ों के दर्द से राहत के लिए करें ये योगासन
जानिए केवड़ा जल आपकी त्वचा के लिए कैसे अच्छा है?
बारिश के मौसम में वजाइनल हेल्थ की देखभाल कैसे करें
अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो इन 20 बातों को न करें नजरअंदाज
Disclaimer: जनसंवाद लाइव की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को जनसंवाद लाइव के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। जनसंवाद लाइव लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

