छोले भटूरे रेसिपी

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Chole Bhature Recipe in Hindi

छोले भटूरे यह केवल एक पकवान नहीं, बल्कि एक भावना है, एक अनुभव है, जो पंजाब की मिट्टी की खुशबू और दिल्ली के बाज़ारों की रौनक को समेटे हुए है। यह नाश्ते की शान है, लंच की जान है, और किसी भी उत्सव या दावत का अनिवार्य हिस्सा है। छोले भटूरे का नाम सुनते ही, मन में फूले हुए, सुनहरे भटूरों और गहरे, मसालेदार छोलों की तस्वीर उभर आती है।

छोले भटूरे की विशेषता इसके मसालेदार और गाढ़े छोले तथा फूले हुए, खस्ता भटूरे का सही संतुलन है। इन दोनों भागों को बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और उनका अनुपात जानना महत्वपूर्ण है।

छोले भटूरे की विशेषता इसके मसालेदार और गाढ़े छोले तथा फूले हुए, खस्ता भटूरे का सही संतुलन है। इन दोनों भागों को बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और उनका अनुपात जानना महत्वपूर्ण है।

छोले (चना करी) के लिए सामग्री

छोले की जान उसके मसाले में होती है, जो इसे गहरा रंग और तीखा स्वाद देता है।

  • काबुली चना (सफेद चना) – 1 कप (रातभर भिगोया हुआ)
  • प्याज – 2 बारीक कटा हुआ
  • टमाटर – 2 प्यूरी बनाया हुआ
  • अदरक लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
  • हरी मिर्च – 1
  • तेल – 2-3 बड़े चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
  • गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
  • चना मसाला – 1 बड़ा चम्मच (यह छोले का मुख्य स्वाद है)
  • नमक – स्वादानुसार
  • चाय पत्ती पानी – ½ कप (रंग को गहरा और आकर्षक बनाने के लिए, वैकल्पिक लेकिन अत्यधिक अनुशंसित)
  • कसूरी मेथी – 1 छोटा चम्मच (स्वाद बढ़ाने के लिए)

भटूरे के लिए सामग्री

भटूरे को मुलायम और फूला हुआ बनाने के लिए सही अनुपात में किण्वन सामग्री का उपयोग आवश्यक है।

  • मैदा – 2 कप
  • सूजी (रवा) – 2 बड़े चम्मच (खस्तापन के लिए)
  • दही – ½ कप (किण्वन में सहायक)
  • बेकिंग सोडा – ¼ छोटा चम्मच (या इंस्टेंट यीस्ट का भी उपयोग कर सकते हैं)
  • नमक – स्वादानुसार
  • तेल – 1 बड़ा चम्मच (आटा गूंथने के लिए)
  • पानी – आवश्यकतानुसार
  • तेल – तलने के लिए

बनाने की विधि (Recipe Method):

स्वादिष्ट भटूरे का स्वाद चखने के लिए, इन चरणों का ध्यानपूर्वक पालन करें।

भाग 1: शानदार छोले बनाना

  1. चना उबालना: भीगे हुए चनों को कुकर में नमक और विशेष रूप से चाय पत्ती का पानी डालकर 5-6 सीटी आने तक या पूरी तरह नरम होने तक उबाल लें।
    • टिप: चाय पत्ती का पानी बनाने के लिए, 1 कप पानी में 1 चम्मच चाय पत्ती डालकर उबालें, छान लें और उपयोग करें। यह छोले को एक गहरा, बाज़ारी रंग देता है।
  2. मसाला तैयार करना: एक कड़ाही में तेल गरम करें। सबसे पहले प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
  3. पेस्ट डालना: अब अदरक-लहसुन पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च डालकर 1 मिनट तक अच्छी खुशबू आने तक भूनें।
  4. प्यूरी और मसाला: तुरंत टमाटर प्यूरी डालें और इसे तब तक पकाएँ जब तक कि यह तेल न छोड़ने लगे। अब सभी सूखे मसाले (लाल मिर्च, धनिया, गरम मसाला, और मुख्य रूप से चना मसाला) डालकर 2-3 मिनट तक भूनें। मसाले भूनते समय थोड़ा सा पानी मिलाने से वे जलेंगे नहीं।
  5. छोले मिलाना: उबले हुए छोले (पानी सहित) मसाले में मिला दें। यदि छोले पतले लग रहे हैं, तो कुछ छोले मैश (mash) कर दें या 1 चम्मच मैदा/बेसन भूनकर मिला दें।
  6. पकाना: छोले को धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पकाएँ ताकि मसाले पूरी तरह से चनों में समा जाएं और ग्रेवी गाढ़ी हो जाए।
  7. फिनिशिंग टच: आखिर में कसूरी मेथी को हथेली पर मसलकर डालें और गरम मसाला छिड़क दें। धनिया पत्ती से गार्निश करें।

भाग 2: फूले-फूले भटूरे बनाना

  1. आटा गूंथना: एक बड़े बर्तन में मैदासूजीबेकिंग सोडानमकदही और तेल डालें। इन सभी को अच्छी तरह मिला लें।
  2. किण्वन (Fermentation): आवश्यकतानुसार हल्का गुनगुना पानी मिलाकर एक नरम आटा गूंथ लें। आटा परांठे के आटे से थोड़ा अधिक मुलायम होना चाहिए।
  3. आराम देना: इस आटे को ढककर 2-3 घंटे के लिए किसी गर्म स्थान पर रख दें। यह किण्वन (फर्मेंटेशन) के लिए महत्वपूर्ण है।
    • टिप: जल्दी किण्वन के लिए, आटे में ताज़ा दही या थोड़ी सी यीस्ट का उपयोग करें।
    • अतिरिक्त टिप: भटूरे को और मुलायम बनाने के लिए, आटे में उबले आलू का थोड़ा-सा मैश भी मिलाया जा सकता है।
  4. बेलना: आराम करने के बाद, आटे को थोड़ा और गूंथें। इसके छोटे गोले (लोई) बनाएं। इन्हें बेलन से गोल या अंडाकार भटूरे के आकार में बेलें। इन्हें बहुत पतला न करें।
  5. तलना: कड़ाही में तेल बहुत अच्छी तरह से गरम करें। तेल का तापमान भटूरे के फूलने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  6. तलने की प्रक्रिया: बेले हुए भटूरे को गरम तेल में डालें और कलछी से हल्का दबाते हुए तलें ताकि वह फूल जाए। सुनहरा होने पर पलटें और दोनों तरफ से तलकर निकाल लें।

परोसने का तरीका

छोले भटूरे को परोसने का तरीका भी इसके स्वाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • मुख्य जोड़ी: गरम, मसालेदार छोले और फूले हुए भटूरे।
  • साथ में: बारीक कटे प्याज के स्लाइस या लच्छे (सिरके वाले प्याज सबसे अच्छे), नींबू का टुकड़ा (स्वाद बढ़ाने के लिए), और हरी मिर्च का अचार या मिक्स्ड अचार
  • पीने के लिए: इसे अक्सर ठंडी लस्सी या छाछ के साथ परोसा जाता है।

छोले भटूरे FAQs

1. छोले भटूरे किस क्षेत्र का प्रसिद्ध व्यंजन है?

छोले भटूरे मुख्य रूप से उत्तर भारत का, विशेषकर पंजाब और दिल्ली का बहुत ही प्रसिद्ध और पसंदीदा व्यंजन है। इसे एक पंजाबी डिश माना जाता है जो विभाजन के बाद पूरे उत्तर भारत में लोकप्रिय हुआ।

2. भटूरे बनाने के लिए आटे को कितने समय तक फर्मेंट (खमीर उठने के लिए) करना ज़रूरी है?

भटूरे के आटे को मुलायम और फूला हुआ बनाने के लिए, इसे गूंथने के बाद कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए किसी गर्म स्थान पर ढककर रखना ज़रूरी है। किण्वन (Fermentation) के लिए दही और बेकिंग सोडा/यीस्ट का उपयोग करने से यह प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।

3. भटूरे तलते समय फूलते क्यों नहीं हैं?

भटूरे के न फूलने के मुख्य कारण ये हो सकते हैं:
अपर्याप्त किण्वन: आटे को पर्याप्त समय तक आराम नहीं दिया गया हो।
तेल का तापमान: तेल पर्याप्त रूप से गरम न हो। भटूरे तलने के लिए तेल का तापमान बहुत हाई होना चाहिए।
आटा गूथना: आटा बहुत सख्त गूंथा गया हो या तलने से पहले लोई को बहुत पतला बेल दिया गया हो।

4. छोले में गहरा काला रंग कैसे आता है, क्या यह कृत्रिम है?

छोले में गहरा और आकर्षक रंग लाने के लिए, उबालते समय उसमें एक पोटली में बंधा हुआ चाय पत्ती या आंवला डाला जाता है। यह रंग पूरी तरह से प्राकृतिक है और यह छोले के स्वाद को भी हल्का कसैलापन देता है, जो पारंपरिक स्वाद के लिए ज़रूरी है।

5. क्या मैं भटूरे में मैदे की जगह गेहूँ के आटे (आटा भटूरा) का इस्तेमाल कर सकता हूँ?

हाँ, आप कर सकते हैं। गेहूँ का आटा एक स्वस्थ विकल्प है। हालाँकि, शुद्ध मैदे वाले भटूरे जितने मुलायम और फूले हुए ये नहीं बन पाते। गेहूँ के आटे के भटूरे को अधिक फुलाने के लिए उसमें थोड़ा-सा उबला हुआ मैश किया हुआ आलू या अधिक दही मिलाया जा सकता है।

6. छोले भटूरे और छोले कुलचे में क्या अंतर है?

मुख्य अंतर ब्रेड (रोटी) में है:
भटूरे: मैदा, तले हुए और किण्वित (fermented) होते हैं।
कुलचे: मैदा/आटा, आमतौर पर तवे या तंदूर पर पकाए जाते हैं और हल्के होते हैं (बिना अधिक किण्वन के)। छोले कुलचे में अक्सर छोले की ग्रेवी पतली या सूखी होती है, जबकि भटूरे के साथ गाढ़ी ग्रेवी वाले छोले परोसे जाते हैं।

7. क्या छोले बनाते समय चना मसाला डालना ज़रूरी है?

हाँ, चना मसाला छोले के स्वाद की आत्मा है। यह बाज़ार जैसा authentic (असली) स्वाद देने के लिए गरम मसाला, अमचूर, और अन्य मसालों का एक विशेष मिश्रण होता है। यदि आपके पास चना मसाला नहीं है, तो आप गरम मसाला, अमचूर और थोड़ी सी काली मिर्च का उपयोग करके स्वाद को करीब ला सकते हैं, लेकिन चना मसाला ज़रूरी है।

8. भटूरे के आटे को पहले से बनाकर फ्रिज में रखा जा सकता है?

हाँ, गूंथे हुए भटूरे के आटे को एक एयरटाइट कंटेनर में 1 से 2 दिन के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है। उपयोग करने से पहले इसे फ्रिज से निकालकर, कमरे के तापमान पर गर्म होने दें और फिर इस्तेमाल करें। ठंडे आटे को तलने से पहले 30 मिनट का आराम देना ज़रूरी है।

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