The miraculous changes that occur in the liver after giving up sugar for 14 days! A Harvard-trained doctor reveals the secret.
14 days without Sugar
चीनी आजकल की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। कई लोग इसके बिना अपना भोजन अधूरा महसूस करते हैं और इसकी तलब भी लगती है। लेकिन कई वैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हो चुका है कि ज्यादा चीनी का सेवन शरीर के लिए जहर की तरह काम करता है। इससे न सिर्फ अनहेल्दी वजन बढ़ता है, बल्कि शरीर के अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है, खासकर लिवर को।
चीनी को लेकर कई मिथक फैले हुए हैं, जिनमें से एक प्रमुख ये है कि अगर सिर्फ 14 दिनों के लिए चीनी छोड़ दी जाए तो शरीर में क्या-क्या सकारात्मक बदलाव आते हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि चीनी छोड़ने से सिर्फ वजन कंट्रोल होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने कम समय में लिवर पर कितना बड़ा असर पड़ता है?
हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड और AIIMS से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया है कि चीनी छोड़ने से लिवर में क्या होता है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि चीनी की लत को कैसे धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या से खत्म किया जा सकता है।
चीनी और नमक दोनों ही शरीर के लिए थोड़ी मात्रा में जरूरी हैं, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन कई गंभीर बीमारियों को न्योता देता है।
डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, ज्यादा चीनी खाने से न सिर्फ वजन बढ़ता है, बल्कि लिवर को कई तरह के नुकसान होते हैं। चीनी से शरीर में ज्यादा फ्रुक्टोज पहुंचता है, जिसे लिवर को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे लिवर सेल्स में फैट का उत्पादन बढ़ जाता है और लिवर पर फैट जमा होने लगता है।
चीनी छोड़ने पर लिवर में क्या-क्या बदलाव आते हैं?
डॉ. सेठी बताते हैं कि जब आप चीनी का सेवन पूरी तरह बंद कर देते हैं, तो शरीर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है। आइए जानते हैं दिन-ब-दिन क्या होता है:
पहले 2 दिनों में बदलाव
अगर आप ज्यादा चीनी खाते हैं और अचानक इसे बंद कर देते हैं, तो फ्रुक्टोज लिवर तक नहीं पहुंच पाता। इससे हानिकारक फैट का उत्पादन रुक जाता है। इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होने लगती है। ये बदलाव वजन कम होने से पहले ही शरीर में शुरू हो जाता है।
तीसरे से सातवें दिन तक
पहले हफ्ते में शरीर का बढ़ा हुआ शुगर लोड कम महसूस होता है। फास्टिंग ग्लूकोज लेवल सुधरता है और ब्लोटिंग भी घटने लगती है। लिवर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होने लगता है।
8 से 14 दिनों तक
दूसरे हफ्ते में लिवर की सेहत में कई सकारात्मक बदलाव दिखते हैं। डॉ. सेठी बताते हैं कि फ्रुक्टोज ग्लूकोज से अलग है, क्योंकि इसका इंसुलिन कंट्रोल में कोई रोल नहीं होता। फ्रुक्टोज को मुख्य रूप से लिवर ही हैंडल करता है और ज्यादा मात्रा में यह लिवर पर फैट जमा कर देता है। इसलिए कैलोरी कम करने से ज्यादा जरूरी है कि एडेड शुगर का इंटेक घटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीनी छोड़ने का मतलब फल या अन्य नैचुरल मीठी चीजें छोड़ना नहीं है। आपको सिर्फ रिफाइंड या सफेद चीनी (एडेड शुगर) से दूरी बनानी है।

इन चीजों से बनाएं दूरी
चीनी के अलावा शुगर वाली ड्रिंक्स, फ्लेवर्ड योगर्ट, सेरियल्स, चॉकलेट, सॉसेस, बेकरी प्रोडक्ट्स और शुगर वाले अल्कोहलिक ड्रिंक्स से भी परहेज करें। डॉ. सेठी का कहना है कि फैटी लिवर के मरीजों को तो तुरंत चीनी छोड़ देनी चाहिए। साथ ही ज्यादा मोटापे वाले लोगों को भी शुगर का सेवन कम करना चाहिए।
यह छोटा-सा 14 दिनों का प्रयोग आपके लिवर को रीसेट करने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य दे सकता है। हालांकि, कोई भी बड़ा डाइट बदलाव अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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